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Thursday, March 12, 2026

प्रबंधन छात्रों के लिए आयोजित हुआ वैश्विक आर्थिक मंदी पर विशेषज्ञ सत्र


लखनऊ, एसआरएम बिजनेस स्कूल, लखनऊ द्वारा आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के बैनर तले “Impact of Global Economic Slowdown on India” विषय पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और उनके भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता प्रो. मंजुला उपाध्याय (प्राचार्य, नवयुग कन्या डिग्री कॉलेज, लखनऊ) रहीं। 

प्रो. मंजुला उपाध्याय (प्राचार्य, नवयुग कन्या डिग्री कॉलेज, लखनऊ) 

उन्होंने अपने व्याख्यान में वैश्विक आर्थिक मंदी के कारणों, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हो रहे उतार-चढ़ाव तथा इनका भारतीय अर्थव्यवस्था, उद्योग, रोजगार और व्यापार पर पड़ने वाले प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भारत के लिए आर्थिक नीतियों में संतुलन और नवाचार की आवश्यकता है ताकि देश विकास की गति को बनाए रख सके। प्रो. उपाध्याय ने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि किस प्रकार वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को समझकर युवा प्रबंधन के क्षेत्र में नए अवसर तलाश सकते हैं। उन्होंने आर्थिक चुनौतियों को अवसरों में बदलने के लिए कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार की महत्ता पर भी जोर दिया। 

कार्यक्रम का संचालन एमबीए की छात्रा वंशिका मुंबई ने अत्यंत प्रभावी ढंग से किया। उन्होंने पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाते हुए वक्ता का परिचय प्रस्तुत किया और सत्र को रोचक बनाए रखा। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और वैश्विक आर्थिक मंदी से जुड़े विभिन्न प्रश्न भी पूछे। प्रो. मंजुला उपाध्याय ने छात्रों के प्रश्नों का विस्तृत और व्यावहारिक उत्तर देते हुए उन्हें वर्तमान वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को समझने तथा प्रबंधन के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार रहने की प्रेरणा दी।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था अपनी मजबूत नीतियों, बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम और युवा कार्यबल के कारण वैश्विक चुनौतियों के बावजूद आगे बढ़ने की क्षमता रखती है। ऐसे अकादमिक संवाद विद्यार्थियों को समसामयिक आर्थिक मुद्दों की गहरी समझ प्रदान करते हैं।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. शुभेंदु शेखर शुक्ल (एसोसिएट प्रोफेसर, एमबीए विभाग) ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। डॉ. शुक्ल ने एमबीए संकाय की विगत साल की उपलब्धियों के बारे में बताया। उन्होंने मुख्य वक्ता प्रो. मंजुला उपाध्याय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका व्याख्यान विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा, जिससे उन्हें वैश्विक आर्थिक परिदृश्य को समझने का एक नया दृष्टिकोण प्राप्त हुआ। 
डॉ. शुभेंदु शेखर शुक्ल (एसोसिएट प्रोफेसर, एमबीए विभाग) 

अंत में एमबीए विभागाध्यक्ष श्रीमती रुचिता चौहान द्वारा प्रो. मंजुला उपाध्याय को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संस्थान के फैकल्टी सदस्यों एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सहभागिता की और कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों और आयोजकों की सराहना की गई।
श्रीमती रुचिता चौहान (एमबीए विभागाध्यक्ष)

कार्यक्रम में उपस्थित फैकल्टी सदस्यों ने भी इस प्रकार के व्याख्यानों को विद्यार्थियों के समग्र बौद्धिक विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। अंत में विद्यार्थियों ने मुख्य वक्ता के विचारों की सराहना करते हुए कहा कि यह सत्र उनके लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा।


Sunday, September 28, 2025

भविष्य के उद्यमियों को मिला मार्गदर्शन: एस.आर.एम. बिज़नेस स्कूल में आयोजित हुआ विशेषज्ञ व्याख्यान

लखनऊ। एस.आर.एम. बिज़नेस स्कूल, लखनऊ के एम.बी.ए. विभाग द्वारा आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के बैनर तले एक विशेषज्ञ व्याख्यान का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस व्याख्यान का विषय था –

“स्टार्टअप के लिए आलोचनात्मक सोच : कानूनी, नैतिक और रणनीतिक चुनौतियां” इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. नवनीत कुमार शुक्ल (राष्ट्रीय मेंटर: Start-Up India, राज्य मेंटर: उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड स्टार्ट-अप काउंसिल, पूर्व शोध सहयोगी: आईआईएम लखनऊ) ने विद्यार्थियों से संवाद किया।

डॉ. नवनीत ने अपने व्याख्यान में कहा, “किसी भी स्टार्ट-अप की सफलता के लिए केवल एक बेहतरीन आइडिया पर्याप्त नहीं है। आलोचनात्मक सोच, कानूनी ढांचे की समझ, नैतिक जिम्मेदारियाँ और रणनीतिक निर्णय क्षमता – ये चार स्तंभ किसी भी स्टार्ट-अप को दीर्घकालिक सफलता की ओर ले जाते हैं। युवा उद्यमियों को चाहिए कि वे इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर नवाचार करें।”

डॉ. नवनीत कुमार शुक्ल
एम.बी.ए. विभाग की विभागाध्यक्ष श्रीमती रुचिता चौहान ने इस अवसर पर कहा, “हमारा उद्देश्य छात्रों को केवल प्रबंधन की पारंपरिक शिक्षा तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक ज्ञान, आलोचनात्मक दृष्टिकोण और उद्यमशीलता की समझ प्रदान करना है। ऐसे विशेषज्ञ व्याख्यान छात्रों को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करते हैं।”

IQAC समन्वयक डॉ. शुभेन्दु शेखर शुक्ल ने ने धन्यवाद ज्ञापन में कहा, “आधुनिक दौर में शिक्षा संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे उद्योग, समाज और शिक्षा के बीच सेतु का कार्य करें। इस प्रकार के व्याख्यान छात्रों को न केवल स्टार्ट-अप की दुनिया से जोड़ते हैं, बल्कि उन्हें कानूनी, नैतिक और रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा भी देते हैं।” कार्यक्रम के दौरान एम.बी.ए. विभाग की एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धियां भी सामने आई।

डॉ. शुभेन्दु शेखर शुक्ल (IQAC समन्वयक)

इस व्याख्यान में एम.बी.ए. विभाग के शिक्षकों एवं छात्रों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। छात्रों ने इंटरैक्टिव सत्र में अपने प्रश्न रखे, जिनका डॉ. शुक्ल ने विस्तारपूर्वक उत्तर दिया।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. नवनीत कुमार शुक्ल को कार्यक्रम को कोआर्डिनेट करने वाले छात्रों द्वारा सम्मानित कर आभार व्यक्त किया गया। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को स्टार्ट-अप जगत की बारीकियों से रूबरू कराने के साथ-साथ उन्हें भविष्य की दिशा में सकारात्मक और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा दी।

Wednesday, September 17, 2025

रचनात्मकता और प्रबंधकीय कौशल को मिला मंच: एम.बी.ए. विभाग ने आयोजित किया ‘प्रबंधन'

 लखनऊ। एस.आर.एम. बिज़नेस स्कूल, लखनऊ के एम.बी.ए. विभाग द्वारा भव्य मेगा इवेंट “प्रबंधन (Prabandhan)” का सफल आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों की सृजनात्मकता, नवाचार क्षमता, टीम वर्क और प्रबंधकीय कौशल को मंच प्रदान करना था।

कार्यक्रम के अंतर्गत विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें आइडियाथॉन (PowerPoint Presentation), पोस्टर प्रतियोगिता, कोलाज मेकिंग, पेंटिंग, स्केचिंग, फैंसी फेस आर्ट तथा बिज़नेस क्विज़ प्रतियोगिता शामिल थीं। इन प्रतियोगिताओं में एम.बी.ए. विभाग के साथ-साथ विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

आइडियाथॉन (PowerPoint Presentation) में विद्यार्थियों ने अपने अभिनव विचार प्रस्तुत किए, जिनमें सामाजिक और व्यावसायिक समस्याओं के समाधान की झलक दिखाई दी। पोस्टर और कोलाज प्रतियोगिता ने युवाओं की रचनात्मक सोच और कलात्मक अभिव्यक्ति को प्रदर्शित किया। वहीं, पेंटिंग और स्केचिंग ने छात्रों की कला और कल्पना शक्ति को एक नई दिशा दी। फैंसी फेस आर्ट प्रतियोगिता ने कार्यक्रम में रंगारंग और मनोरंजक माहौल बनाया। इसके साथ ही, बिज़नेस क्विज़ प्रतियोगिता ने छात्रों के व्यवसायिक ज्ञान और प्रबंधन की समझ की परीक्षा ली।

इस अवसर पर श्री पियूष सिंह चौहान (उपाध्यक्ष, SRGI) ने अपने सन्देश में कहा, “आज की युवा पीढ़ी देश के भविष्य की धुरी है। ऐसे आयोजन छात्रों को अपनी प्रतिभा दिखाने, आत्मविश्वास विकसित करने और टीम भावना को मजबूत करने का अवसर देते हैं। हमें गर्व है कि SRGI जैसे संस्थान इस दिशा में लगातार सार्थक प्रयास कर रहे हैं।”

कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष श्रीमती रुचिता चौहान ने कहा कि “प्रबंधन जैसे कार्यक्रम छात्रों को केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उन्हें व्यावहारिक अनुभव, रचनात्मकता और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं।”

कार्यक्रम में निर्णायक मंडल की अध्यक्ष श्रीमती अर्पिता पांडेय (नारी शिक्षा निकेतन) ने प्रतिभागियों की रचनात्मकता और ऊर्जा की सराहना करते हुए कहा, “हर प्रतियोगिता में छात्रों ने जिस उत्साह और आत्मविश्वास के साथ भाग लिया, वह काबिल-ए-तारीफ है। छात्रों की प्रस्तुति में नवाचार और परिश्रम स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। ऐसे मंच युवाओं के व्यक्तित्व विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। ऐसे आयोजन न केवल छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं बल्कि उन्हें भविष्य के सफल प्रबंधक बनने की राह भी दिखाते हैं।”

श्रीमती अर्पिता पांडेय 

समन्वयक डॉ. शुभेन्दु शेखर शुक्ल ने अपने संबोधन में कहा, “आज के प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण में छात्रों का सर्वांगीण विकास अत्यंत आवश्यक है। ‘प्रबंधन’ जैसे आयोजन छात्रों में नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और समस्या समाधान की सोच को बढ़ावा देते हैं। यह केवल एक सांस्कृतिक या शैक्षणिक गतिविधि नहीं, बल्कि भविष्य के सफल प्रबंधकों और उद्यमियों के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।”

डॉ. शुभेन्दु शेखर शुक्ल (समन्वयक)

कार्यक्रम का समापन विजेताओं को पुरस्कार और प्रमाणपत्र प्रदान कर किया गया। पूरे कार्यक्रम में छात्रों का उत्साह देखते ही बन रहा था। यह आयोजन एम.बी.ए. विभाग के शिक्षकों और छात्रों के सामूहिक प्रयास से अत्यंत सफल रहा।

Monday, June 16, 2025

एमबीए विभाग के छात्रों का पेंटिंग एवं निबंध प्रतियोगिता में दबदबा

 लखनऊ। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं एस.आर.एम. बिजनेस स्कूल, लखनऊ के एमबीए विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पेंटिंग एवं निबंध लेखन प्रतियोगिता में एमबीए के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना दबदबा कायम किया। यह प्रतियोगिताएं विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष में संस्थान में आयोजित की गयी थी।

इस प्रतियोगिता का विषय – "प्लास्टिक प्रदुषण को समाप्त करें", जिसका उद्देश्य प्लास्टिक प्रदूषण की गंभीरता को समझाना और इसके समाधान के प्रति युवाओं को प्रेरित करना था। प्रतियोगिता में दर्जनों छात्रों ने भाग लिया, जिसमें एमबीए विभाग के छात्रों ने न केवल सक्रिय भागीदारी की, बल्कि शीर्ष स्थान भी प्राप्त किए।

संस्थान के वाईस चेयरमैन श्री पियूष सिंह चौहान ने सभी छात्रों, निर्णायक मंडल एवं पदाधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि संस्थान इस तरह के सामाजिक कार्यक्रमों से सदैव जुड़ा रहता है और इस तरह के ज्वलंत मुद्दों को समाज में मजबूती से रखता है। उन्होंने ये भी कहा कि भविष्य में भी ऐसे प्रोग्राम होने चाहिए।  

 

श्री पियूष सिंह चौहान (वाईस चेयरमैन)

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री विनोद कुमार (पर्यावरण इंजीनियर) ने छात्रों को प्लास्टिक प्रदूषण के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए इससे निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि छात्र ही राष्ट्र का भविष्य हैं और उनका पर्यावरण के प्रति दृष्टिकोण समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

 

श्री विनोद कुमार (पर्यावरण इंजीनियर)

संस्थान के निदेशक डॉ. डी. पी. सिंह ने सभी छात्रों का उत्साहवर्धन किया और सभी विजयी छात्रों को को शुभकामनाएं प्रेषित की और कहा कि पढ़ाई के साथ साथ की गयी गतिविधियां सारी जिंदगी आपकी मीठी याद में रहेंगी।

 

डॉ. डी. पी. सिंह (निदेशक)

कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. शुभेन्दु शेखर शुक्ल (एमबीए विभाग) ने बताया कि इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियाँ छात्रों को पर्यावरणीय मुद्दों पर सोचने और समाधान खोजने की प्रेरणा देती हैं।

 

डॉ. शुभेन्दु शेखर शुक्ल (एमबीए विभाग, समन्वयक)

कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिससे माहौल आध्यात्मिक और प्रेरणादायक बन गया। छात्रों ने अपने विचारों को सुंदर चित्रों और प्रभावशाली शब्दों के माध्यम से प्रस्तुत किया, जिसने निर्णायकों को प्रभावित किया। निर्णायक मंडल ने रचनात्मकता, विचारों की स्पष्टता और सामाजिक जागरूकता को प्रमुख आधार माना।


प्रतियोगिता के दौरान ‘सिंगल यूज़ प्लास्टिक का बहिष्कार करें’ जैसे संदेशों को बल दिया गया। छात्रों द्वारा प्रदर्शित चित्रों को संस्थान परिसर में प्रदर्शनी के रूप में भी लगाया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण के क्षेत्र से जुड़े कई विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए।


निर्णायक मंडल की टीम ने पेंटिंग प्रतियोगिता में एमबीए प्रथम वर्ष की अनीशा वर्मा को प्रथम, स्नेहा सिंह को द्वितीय एवं बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र प्रिंस को तृतीय स्थान प्रदान किया वहीं निबंध प्रतियोगिता में एमबीए प्रथम वर्ष की छात्रा दिव्यांशी मिश्रा को प्रथम, अंशिका सिंह को द्वितीय एवं बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र आयुष्मान मिश्रा एवं इंटीग्रेटेड एमबीए की छात्रा ख़ुशी सिंह को संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्रदान किया।

 

Fig : Winner of Essay Competition

एक अन्य प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन भी एमबीए विभाग में डॉ शुभेंदु शुक्ल के नेतृत्व में कराया गया जिसमे सर्वोच्च अंक पाने वाले छात्रों को प्रमाणपत्र प्रदान कर कार्यक्रम का समापन किया गया। प्रथम पुरस्कार स्नेहा सिंह, मिताली गुप्ता और आदर्श मिश्रा को, द्वितीय पुरस्कार दिव्यांशी मिश्रा, अभिषेक तिवारी और राजवर्धन सिंह राठौर और तृतीय पुरस्कार ऋतिक पांडेय, आदित्य राज गुप्ता और मनीषा कुमारी को संयुक्त रूप से दिया गया।

 

Fig: Winners of Quiz Competition

कार्यक्रम के आयोजन में एमबीए विभाग के सारे शिक्षकों का योगदान सराहनीय रहा। छात्रों ने इस आयोजन को एक सीखने वाला अनुभव बताया जो भविष्य में सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने में सहायक होगा।

 

कार्यक्रम के अंत में कार्यकारी निदेशक डॉ सर्वेश चौहान ने धन्यवाद प्रस्ताव में कहा कि इस तरह के कार्यक्रम छात्रों में नेतृत्व क्षमता के साथ साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़ने का मौका मिलता है। उन्होंने प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड कि ओर से आये हुए पदाधिकारियों को धन्यवाद दिया।

डॉ. सर्वेश चौहान (निदेशक)


लोकनीति द्वारा आईआईएम लखनऊ में ‘नेतृत्व, निर्णय, व निर्माण – नारी @2047’ पर दो दिवसीय संगोष्ठी का शुभारंभ

 लोकनीति द्वारा भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) लखनऊ के सभागार में ‘नेतृत्व, निर्णय, व निर्माण – नारी @2047’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगो...