लखनऊ। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं एस.आर.एम. बिजनेस स्कूल, लखनऊ के एमबीए विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पेंटिंग एवं निबंध लेखन प्रतियोगिता में एमबीए के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना दबदबा कायम किया। यह प्रतियोगिताएं विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष में संस्थान में आयोजित की गयी थी।
इस प्रतियोगिता का विषय – "प्लास्टिक प्रदुषण को समाप्त करें", जिसका उद्देश्य प्लास्टिक प्रदूषण की गंभीरता को समझाना और इसके समाधान के प्रति युवाओं को प्रेरित करना था। प्रतियोगिता में दर्जनों छात्रों ने भाग लिया, जिसमें एमबीए विभाग के छात्रों ने न केवल सक्रिय भागीदारी की, बल्कि शीर्ष स्थान भी प्राप्त किए।
संस्थान के वाईस चेयरमैन श्री पियूष सिंह चौहान ने सभी छात्रों, निर्णायक मंडल एवं पदाधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि संस्थान इस तरह के सामाजिक कार्यक्रमों से सदैव जुड़ा रहता है और इस तरह के ज्वलंत मुद्दों को समाज में मजबूती से रखता है। उन्होंने ये भी कहा कि भविष्य में भी ऐसे प्रोग्राम होने चाहिए।
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श्री पियूष सिंह चौहान (वाईस चेयरमैन)
कार्यक्रम के
मुख्य अतिथि श्री विनोद कुमार (पर्यावरण इंजीनियर) ने छात्रों को प्लास्टिक
प्रदूषण के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए इससे निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों
की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि छात्र ही राष्ट्र का भविष्य हैं और उनका
पर्यावरण के प्रति दृष्टिकोण समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
श्री विनोद कुमार (पर्यावरण इंजीनियर)
संस्थान के
निदेशक डॉ. डी. पी. सिंह ने सभी छात्रों का उत्साहवर्धन किया और सभी विजयी छात्रों को
को शुभकामनाएं प्रेषित की और कहा कि पढ़ाई के साथ साथ की गयी गतिविधियां सारी
जिंदगी आपकी मीठी याद में रहेंगी।
कार्यक्रम के
समन्वयक डॉ. शुभेन्दु शेखर शुक्ल (एमबीए विभाग) ने बताया कि इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियाँ छात्रों को पर्यावरणीय
मुद्दों पर सोचने और समाधान खोजने की प्रेरणा देती हैं।
डॉ. शुभेन्दु शेखर शुक्ल (एमबीए विभाग, समन्वयक)
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्वलन के साथ
हुई, जिससे माहौल
आध्यात्मिक और प्रेरणादायक बन गया। छात्रों ने अपने विचारों को सुंदर चित्रों और
प्रभावशाली शब्दों के माध्यम से प्रस्तुत किया,
जिसने निर्णायकों को प्रभावित किया। निर्णायक मंडल
ने रचनात्मकता, विचारों की
स्पष्टता और सामाजिक जागरूकता को प्रमुख आधार माना।
प्रतियोगिता के दौरान ‘सिंगल यूज़ प्लास्टिक का बहिष्कार करें’ जैसे
संदेशों को बल दिया गया। छात्रों द्वारा प्रदर्शित चित्रों को संस्थान परिसर में प्रदर्शनी के रूप
में भी लगाया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण के क्षेत्र से जुड़े कई विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए
गए।
निर्णायक मंडल की
टीम ने पेंटिंग प्रतियोगिता में एमबीए प्रथम वर्ष की अनीशा वर्मा को प्रथम, स्नेहा सिंह को द्वितीय एवं बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र
प्रिंस को तृतीय स्थान प्रदान किया वहीं निबंध प्रतियोगिता में एमबीए प्रथम वर्ष की छात्रा
दिव्यांशी मिश्रा को प्रथम, अंशिका सिंह को
द्वितीय एवं बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र आयुष्मान मिश्रा एवं इंटीग्रेटेड एमबीए की
छात्रा ख़ुशी सिंह को संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्रदान किया।
Fig : Winner of Essay Competition
एक अन्य
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन भी एमबीए विभाग में डॉ शुभेंदु शुक्ल के
नेतृत्व में कराया गया जिसमे सर्वोच्च अंक पाने वाले छात्रों को प्रमाणपत्र प्रदान
कर कार्यक्रम का समापन किया गया। प्रथम पुरस्कार स्नेहा सिंह, मिताली गुप्ता और आदर्श मिश्रा को, द्वितीय पुरस्कार दिव्यांशी मिश्रा, अभिषेक तिवारी और राजवर्धन सिंह राठौर और तृतीय
पुरस्कार ऋतिक पांडेय, आदित्य राज
गुप्ता और मनीषा कुमारी को संयुक्त रूप से दिया गया।
Fig: Winners of Quiz Competition
कार्यक्रम के आयोजन में एमबीए विभाग के सारे शिक्षकों का योगदान सराहनीय रहा। छात्रों ने इस आयोजन को एक
सीखने वाला अनुभव बताया जो भविष्य में सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने में सहायक
होगा।
कार्यक्रम के अंत में कार्यकारी निदेशक
डॉ सर्वेश चौहान ने धन्यवाद प्रस्ताव में कहा कि इस तरह के कार्यक्रम छात्रों में
नेतृत्व क्षमता के साथ साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़ने का मौका मिलता है। उन्होंने
प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड कि ओर से आये हुए पदाधिकारियों को धन्यवाद दिया।
| डॉ. सर्वेश चौहान (निदेशक) |
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