| प्रो. मंजुला उपाध्याय (प्राचार्य, नवयुग कन्या डिग्री कॉलेज, लखनऊ) |
उन्होंने अपने व्याख्यान में वैश्विक आर्थिक मंदी के कारणों, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हो रहे उतार-चढ़ाव तथा इनका भारतीय अर्थव्यवस्था, उद्योग, रोजगार और व्यापार पर पड़ने वाले प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भारत के लिए आर्थिक नीतियों में संतुलन और नवाचार की आवश्यकता है ताकि देश विकास की गति को बनाए रख सके।
प्रो. उपाध्याय ने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि किस प्रकार वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को समझकर युवा प्रबंधन के क्षेत्र में नए अवसर तलाश सकते हैं। उन्होंने आर्थिक चुनौतियों को अवसरों में बदलने के लिए कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार की महत्ता पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम का संचालन एमबीए की छात्रा वंशिका मुंबई ने अत्यंत प्रभावी ढंग से किया। उन्होंने पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाते हुए वक्ता का परिचय प्रस्तुत किया और सत्र को रोचक बनाए रखा। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और वैश्विक आर्थिक मंदी से जुड़े विभिन्न प्रश्न भी पूछे। प्रो. मंजुला उपाध्याय ने छात्रों के प्रश्नों का विस्तृत और व्यावहारिक उत्तर देते हुए उन्हें वर्तमान वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को समझने तथा प्रबंधन के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार रहने की प्रेरणा दी।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था अपनी मजबूत नीतियों, बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम और युवा कार्यबल के कारण वैश्विक चुनौतियों के बावजूद आगे बढ़ने की क्षमता रखती है। ऐसे अकादमिक संवाद विद्यार्थियों को समसामयिक आर्थिक मुद्दों की गहरी समझ प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. शुभेंदु शेखर शुक्ल (एसोसिएट प्रोफेसर, एमबीए विभाग) ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। डॉ. शुक्ल ने एमबीए संकाय की विगत साल की उपलब्धियों के बारे में बताया। उन्होंने मुख्य वक्ता प्रो. मंजुला उपाध्याय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका व्याख्यान विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा, जिससे उन्हें वैश्विक आर्थिक परिदृश्य को समझने का एक नया दृष्टिकोण प्राप्त हुआ।
| डॉ. शुभेंदु शेखर शुक्ल (एसोसिएट प्रोफेसर, एमबीए विभाग) |
अंत में एमबीए विभागाध्यक्ष श्रीमती रुचिता चौहान द्वारा प्रो. मंजुला उपाध्याय को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संस्थान के फैकल्टी सदस्यों एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सहभागिता की और कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों और आयोजकों की सराहना की गई।
| श्रीमती रुचिता चौहान (एमबीए विभागाध्यक्ष) |
कार्यक्रम में उपस्थित फैकल्टी सदस्यों ने भी इस प्रकार के व्याख्यानों को विद्यार्थियों के समग्र बौद्धिक विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। अंत में विद्यार्थियों ने मुख्य वक्ता के विचारों की सराहना करते हुए कहा कि यह सत्र उनके लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा।
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