लखनऊ। एस.आर.एम. बिज़नेस स्कूल, लखनऊ के एम.बी.ए. विभाग द्वारा आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के बैनर तले एक विशेषज्ञ व्याख्यान का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस व्याख्यान का विषय था –
“स्टार्टअप के लिए आलोचनात्मक सोच : कानूनी, नैतिक और रणनीतिक चुनौतियां” इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. नवनीत कुमार शुक्ल (राष्ट्रीय मेंटर: Start-Up India, राज्य मेंटर:
उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड स्टार्ट-अप काउंसिल, पूर्व शोध सहयोगी: आईआईएम लखनऊ) ने विद्यार्थियों से संवाद किया।
डॉ. नवनीत ने अपने व्याख्यान में कहा, “किसी भी स्टार्ट-अप की सफलता के लिए केवल एक बेहतरीन आइडिया पर्याप्त नहीं है। आलोचनात्मक सोच, कानूनी ढांचे की समझ, नैतिक जिम्मेदारियाँ और रणनीतिक निर्णय क्षमता – ये चार स्तंभ किसी भी स्टार्ट-अप को दीर्घकालिक सफलता की ओर ले जाते हैं। युवा उद्यमियों को चाहिए कि वे इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर नवाचार करें।”
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| डॉ. नवनीत कुमार शुक्ल |
IQAC समन्वयक डॉ. शुभेन्दु शेखर शुक्ल ने ने धन्यवाद ज्ञापन में कहा, “आधुनिक दौर में शिक्षा संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे उद्योग, समाज और शिक्षा के बीच सेतु का कार्य करें। इस प्रकार के व्याख्यान छात्रों को न केवल स्टार्ट-अप की दुनिया से जोड़ते हैं, बल्कि उन्हें कानूनी, नैतिक और रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा भी देते हैं।” कार्यक्रम के दौरान एम.बी.ए. विभाग की एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धियां भी सामने आई।
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| डॉ. शुभेन्दु शेखर शुक्ल (IQAC समन्वयक) |
इस व्याख्यान में एम.बी.ए. विभाग के शिक्षकों एवं छात्रों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। छात्रों ने इंटरैक्टिव सत्र में अपने प्रश्न रखे, जिनका डॉ. शुक्ल ने विस्तारपूर्वक उत्तर दिया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. नवनीत कुमार शुक्ल को कार्यक्रम को कोआर्डिनेट करने वाले छात्रों द्वारा सम्मानित कर आभार व्यक्त किया गया। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को स्टार्ट-अप जगत की बारीकियों से रूबरू कराने के साथ-साथ उन्हें भविष्य की दिशा में सकारात्मक और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा दी।


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